देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का चालू वित्त वर्ष की गत 31 दिसंबर को समाप्त तिमाही में शुद्ध लाभ 15.3 फीसदी बढ़कर 3,263.04 करोड़ रुपये हो गया। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में एसबीआई ने 2,828.06 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया था। समीक्षाधीन तिमाही में बैंक की आमदनी में भी 20.4 फीसदी की बढ़ोतरी रही। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में बैंक की कुल आमदनी 29,787.37 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 24,726.73 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी।
पहली तिमाही काफी कमजोर साबित हुई
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान एसबीआई का एकीकृत शुद्ध लाभ 16.3 फीसदी बढ़कर 4,318.08 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में बैंक का एकीकृत मुनाफा 3,710.48 करोड़ रुपये रहा था। एसबीआई के चेयरमैन प्रतीप चौधरी ने कहा कि बैंक के मुनाफे में बढ़ोतरी का दौर एक बार फिर शुरू हो गया है। इसमें पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही से गिरावट का रुख बना हुआ था। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही काफी कमजोर साबित हुई।
शुद्ध लाभ 3,000 करोड़ रुपये ऊपर पहुंच गया
जिसमें मुनाफा 1,584 करोड़ रुपये पर आ गया था। अब हमारा शुद्ध लाभ 3,000 करोड़ रुपये ऊपर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.40 फीसदी से बढ़कर 3.82 फीसदी पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि समीक्षाधीन अवधि में ब्याज से प्राप्त कुल आय 26.6 प्रतिशत बढ़कर 11,463 करोड़ रुपये हो गई है। 2010 की समान अवधि में यह आंकड़ा 9,050 करोड़ रुपये रहा था। उन्होंने भरोसा जताया है कि मार्च 2012 तक बैंक की टीयर-1 पूंजी 9 फीसदी के आंकड़े को पार कर जाएगी। फिलहाल यह 7.59 फीसदी है।
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