ग्लोबल बाजार में आपूर्ति बाधित होने की आशंका में कच्चा तेल 121 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया। यूरो जोन के संकट को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण मांग कमजोर पड़ने की आशंका के बावजूद आपूर्ति संकट का डर बना हुआ है।
लंदन ब्रेंट क्रूड का अप्रैल वायदा 121.66 डॉलर प्रति बैरल बोला गया, जो मई 2011 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। अमेरिकी स्वीट क्रूड का वायदा भी 105.84 डॉलर प्रति बैरल पर रहा, जो चार मई 2011 के बाद का इसका उच्चतम स्तर रहा। फरवरी 2012 में चीन के विनिर्माण क्षेत्र में लगातार चौथे महीने गिरावट रही। ऐसा यूरो क्षेत्र से आयात के नए ऑर्डरों में भारी कमी की वजह से हुआ। इससे दुनिया में तेल के दूसरे बड़े आयातक देश चीन से मांग घटने की आशंका बढ़ी, लेकिन ईरान से आपूर्ति घटने की आशंका इस पर हावी रही।
अमेरिका से सख्त होते आर्थिक प्रतिबंधों से खफा ईरान ने ब्रिटेन और फ्रांस को तेल आपूर्ति रोकने के साथ ही कई और पश्चिमी देशों को भी आपूर्ति बंद करने की खुली धमकी दी है। ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों की निगरानी के लिए तेहरान पहुंचे संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निरीक्षकों ने पूरा सहयोग नहीं मिलने का आरोप लगाया है। उधर, यमन, दक्षिणी सूडान और सीरिया में जारी संघर्ष के कारण तेल उत्पादन पहले ही काफी कम हो चला है। ऐसी स्थिति में आपूर्ति संकट की आशंका तले बाजार पर बुरी तरह हावी है। यह खबरें तेल कीमतों को मजबूत बनाए हुए हैं।
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