चालू कृषि वर्ष में गेहूं के बंपर उत्पादन के पूर्वानुमान के बाद अब केंद्र सरकार ने रबी खरीद सीजन में अब तक की सर्वाधिक खरीद होने की संभावना जताई है। खाद्य सचिवों की बैठक में राज्यों ने केंद्र को 318.90 लाख टन गेहूं खरीद करने का भरोसा दिया है। मध्य प्रदेश ने खरीद सीजन के दौरान 65 लाख टन रिकॉर्ड खरीद का लक्ष्य रखा है। खास बात यह है कि इस बार भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और राज्यों की एजेंसियां सुदूर गांवों में किसानों से गेहूं की सीधे खरीद करेंगी।
गेहूं की खरीद 15 अप्रैल से शुरू
केंद्रीय खाद्य सचिव डॉ बीसी गुप्ता ने बताया कि 15 मार्च से 30 जून तक चलने वाले रबी खरीद सीजन को राज्यों की तैयार फसल के हिसाब से तय किया गया है। मसलन महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और गुजरात में खरीद सीजन 15 मार्च से ही शुरू हो जाएगा। जबकि बिहार व जम्मू-कश्मीर में गेहूं की खरीद 15 अप्रैल से शुरू होगी। इस दौरान किसानों को गेहूं का तत्काल भुगतान किया जाएगा। केंद्र सरकार ने तत्काल भुगतान के लिए दो तरह की व्यवस्था की है। इसके तहत किसानों के खाते में सीधे रकम हस्तांतरित या किसानों के नाम से एकाउंट पेयी चेक दी जाएगी।
खरीद लक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया
खाद्य सचिव के मुताबिक सभी गेहूं उत्पादक राज्यों में खरीद व्यवस्था इस तरह से की जाएगी, जिससे दूरदराज गांवों के किसानों को भी अपनी उपज बेचने का मौका मिल सके। सरकार ने इस साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 1,285 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 165 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। लेकिन खरीद सीजन के दौरान सरकार ने एमएसपी के अतिरिक्त गेहूं किसानों को 50 रुपये क्विंटल की दर से बोनस भी दिया है। इससे किसानों को पिछले साल के मुकाबले लगभग 115 रुपये क्विंटल का लाभ मिल सकेगा। केंद्र ने चुनावों के चलते गेहूं उत्पादक के प्रमुख राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा का अभी खरीद लक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया है।
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