सवाल-हमने होम लोन लेकर एक फ्लैट खरीदा है, जोकि अभी निर्माणाधीन है। हम बैंक को नियमित रूप से लोन की किस्तें भी चुका रहे हैं। क्या फ्लैट के अंडर कंस्ट्रक्शन रहने के दौरान हमें लोन की मूलधन और ब्याज के भुगतान पर आयकर में छूट मिल सकती है?
-अजय गुप्ता, अलीगढ़
जवाब- होम लोन के ब्याज व मूलधन के भुगतान पर आयकर में कटौती घर का निर्माण पूरा होने की तिथि से मिलती है। अत: आपको अभी कोई करछूट नहीं मिलेगी। निर्माण पूरा होने तक देय ब्याज को निर्माण पूरा होने के वर्ष व अगले चार वर्षों में समान किस्तों में क्लेम किया जा सकता है।
सवाल- बिक्री कर और वैट में क्या अंतर है और वैट का रिटर्न दाखिल करने की क्या प्रक्रिया है?
-करण भारद्वाज, प्रबुद्ध नगर
जवाब- बिक्री कर उत्पादन के अंतिम चरण में बिक्री मूल्य पर लगाया जाता है, जबकि वैट वैल्यू एडेड टैक्स है, जोकि उत्पादन की प्रक्रिया के प्रत्येक चरण पर वैल्यू एडेड राशि पर लगाया जाता है। वैट के भुगतान तथा रिटर्न की देय तिथि टर्नओवर के आधार पर होती है।
सवाल- मैंने होम लोन लिया है और इस वित्त वर्ष के दौरान मैंने 50 हजार रुपये का कर्ज चुकाया है। यदि मैं इसपर आयकर में छूट लेना चाहूं तो इसके लिए क्या करना होगा?
-सचिन कुमार, कोटद्वार
जवाब-कर्ज के पूर्ण भुगतान में दो भाग शामिल होते हैं। एक मूलधन, जिस पर धारा 80 सी में सकल आय से और दूसरा ब्याज, जिस पर धारा 24 (बी) में गृह संपत्ति से कटौती क्लेम कर सकते हैं।
सवाल- मैं पिछले 30 साल से लगातार आयकर का रिटर्न दाखिल कर रहा हूं, पर पिछले दो वर्ष से मुझे मेरे अतिरिक्त कटे टैक्स का कोई रिटर्न नहीं मिल रहा है। इस संबंध में कहां और किससे शिकायत की जा सकती है। कृपया संबंधित अधिकारी का पदनाम और ई-मेल एड्रेस भी बताने का कष्ट करें। क्या इस समस्या का ऑनलाइन भी कोई समाधान उलपब्ध है?
-रामचंद्र तिवारी, लखनऊ
जवाब- पहले आप अपने रिफंड का स्टेटस ऑनलाइन पता करें। इसके लिए incometaxindia.gov. पर status of tax refund या फिर incometaxindiaefiling.gov.in पर pan तथा passworrd से लॉगइन कर form 26 AS में अथवा एनएसडीएल की वेबसाइट tin.nsdl.com/oltas/refundstatus पर कर निर्धारण वर्ष तथा पैन नंबर भरकर देखें। रिफंड जारी होने पर वापस जानके के बारे में लिखा है, तो संबंधित जानकारी दें। यदि यहां कुछ पता नहीं लगता है, तो अपने एओ को पत्र लिखें और कर रिटर्न की एक कॉपी भी साथ में लगा दें और रिफंड न देने का कारण भी पूछें। एक माह तक यदि एओ कोई जानकारी नहीं देता है तो आप income tax ombudsman को लिखें।
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