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ग्राहकों को रसीद न देना पड़ सकता है महंगा

पुष्पा गिरिमाजी, विशेषज्ञ
Story Update : Sunday, February 05, 2012    10:09 PM
Customers may need to give receipt expensive

ग्राहकों को सामान और सेवाओं की खरीद करने पर भुगतान की रसीद न देना अब मैन्यूफैक्चरर्स और सर्विस प्रोवाइडरों को कानूनी उलझन में डाल सकता है। संसद के बीते सत्र में उपभोक्ता संरक्षण संशोधन विधेयक पेश किया गया। प्रस्तावित संशोधन विधेयक में यह प्रावधान है कि उपभोक्ताओं को बिना मांगे कैश मेमो देने की जिम्मेदारी कारोबारियों और उद्योग की होगी।

प्रोवाइडरों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार
हालांकि उपभोक्ता संरक्षण कानून में ग्राहकों को अनुचित कारोबार करने वाले सर्विस प्रोवाइडरों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार मिला हुआ है। इसके अंतर्गत उपभोक्ता शिकायत दर्ज कराने और मुआवजे का दावा कर सकते हैं। संशोधन विधेयक में रिटेलरों द्वारा कैश रसीद पर एकतरफा नियम और शर्तें मुद्रित कराने मसलन ‘बिका हुआ माल वापस नहीं होगा, न ही बदला जाएगा’, पर रोक होगी। इससे ग्राहकों को वस्तुओं के वापस करने और बदलने का कानूनी अधिकार मिल सकेगा।
मुआवजा देने से इनकार नहीं कर सकेंगे
इसके साथ ही ग्राहकों को भरोसे में लेकर ‘अनुचित अनुबंध’ भी सर्विस प्रोवाइडर या रिटेलर नहीं कर पाएंगे। इससे अनुबंध का हवाला देकर सर्विस प्रोवाइडर या रिटेलर ग्राहकों को क्षतिपूर्ति और मुआवजा देने से इनकार नहीं कर सकेंगे। संशोधन विधेयक में ग्राहकों को सूचना के अधिकार से संबंधित भी खास प्रावधान शामिल हैं। इससे ग्राहकों को अपनी शिकायत व दावे की संबंधित सूचना हर समय आसानी से मिल सकेगी। कुल मिलाकर देखा जाए, तो उपभोक्ता संरक्षण संशोधन विधेयक उपभोक्ता को अनुचित तरीके या आधी अधूरी जानकारी देकर उत्पाद व सेवाओं की बिक्री करने वाली कंपनियों या फर्म से सुरक्षित करेगा।

प्रतिदिन कम से कम 500 रुपये जुर्माना
इसके अतिरिक्त, संशोधन विधेयक में उपभोक्ता अदालत के आदेश की अनुपालना में देरी करने पर अतिरिक्त अर्थदंड का भी प्रावधान शामिल किया गया है। विधेयक में स्पष्ट कहा गया है कि उपभोक्ता कोर्ट द्वारा ग्राहक को मुआवजा देने में देरी करने पर मैन्यूफैक्चरर्स, रिटेलर या सर्विस प्रोवाइडर को प्रतिदिन कम से कम 500 रुपये जुर्माना भरना पड़ेगा। उपभोक्ता संरक्षण संशोधन में प्रस्तावित ऐसे प्रावधानों से निश्चित रूप से ग्राहकों को हितों की रक्षा होगी। साथ ही उनके शिकायतों का निपटान और मुआवजा जल्द से जल्द मिल सकेगा।


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sunil, bilaspur
ab nhi bachga reliance ki 420
anand, noida
बहुत अच्छा हुआ ये तो होना ही था
नितेश शर्मा, मुजफ्फरनगर
बहुत अच्छा है।
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