अमेरिका में अधिकारियों ने एक ऐसी कंपनी का पता लगाया है जो भारत स्थित कॉल सेंटर के जरिए अमेरिकी नागरिकों को फर्जी और धमकी भरे कॉल करा कर उनसे लाखों डॉलर की धोखाधड़ी कर चुकी है। भारत स्थित कॉल सेंटरों के जरिए करीब 10,000 अमेरिकी उपभोक्ताओं को इस तरह के काल किए गए।
कैलीफोर्निया स्थित कंपनी ने इस काम को अंजाम दिया। अमेरिका में अपनी तरह के इस पहले मामले का पता चला है जब कर्ज वसूली के लिए भारतीय कॉल सेंटरों का इस्तेमाल किया गया। फेडरल ट्रेड कमीशन (एफटीसी) ने कोर्ट में दर्ज कराई गई शिकायत में कहा है कि उपभोक्ताओं को भारत से इस तरह के लगभग 20 लाख फर्जी कॉल किए गए। यह सब कॉल जनवरी 2010 के बाद से अब तक किए गए।
इन कॉल के जरिए अमेरिकी उपभोक्ताओं को 50 लाख डॉलर का चूना लगाया गया। फर्जी कॉल में वसूली करने वालों ने उपभोक्ताओं से 300 से 2,000 डॉलर प्रति कॉल मांग की। एफटीसी के ब्यूरो ऑफ कंज्यूमर प्रोटेक्शन के निदेशक डेविड वलाडेक ने कहा, ‘यह पूरी तरह से फर्जी तौर पर संचालित हो रहा है। एफटीसी इसे बंद कराने के लिए प्रतिबद्ध है।’
एफटीसी का कहना है कि प्रभावित ग्राहकों की ऋण आवेदन संबंधी सूचनाएं आरोपी कंपनी के हाथ लग गईं हैं। एफटीसी ने अमेरिकन क्रेडिट क्रंचर्स और इससे जुड़ी कंपनी एबीजे एलएलसी और इन कंपनियों के मालिक एनआरआई वारंग ठाकेर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एफटीसी द्वारा दर्ज केस के मुताबिक ठाकेर ने सामाजिक सुरक्षा संख्या या बैंक खाता संख्या से ग्राहकों के बारे में जानकारी हासिल की, इन ग्राहकों ने ऋण के ऑनलाइन जानकारी मांगी थी अथवा आवेदन किया था।
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