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ईरान के खिलाफ सभी विकल्प खुले हैं

वाशिंगटन।
Story Update : Sunday, February 19, 2012    2:11 AM
If all options open against Iran

ईरान के खिलाफ जुबानी जंग तेज करते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्री लियोन पनेटा ने तेहरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि तेहरान होरमूज जल मार्ग को बंद करने या फिर अपने परमाणु कार्यक्रम पर आगे बढ़ता है तो उसके खिलाफ सभी विकल्प खुले हुए हैं। पनेटा ने कहा कि हम यह बिल्कुल साफ कर देना चाहते हैं कि ईरान एक भी परमाणु हथियार विकसित न कर पाए। हम परमाणु हथियार संपन्न ईरान को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

रक्षा मंत्री ने तेहरान को चेताते हुए कहा कि होरमूज जल मार्ग को बंध करने की ईरान की कोशिशों को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। दुनिया को मिलने वाले तेल का पांचवां हिस्सा इसी जलसंधि के जरिए जाता है। यह अंतरराष्ट्रीय जल मार्ग है। ऐसे में हम उन्हें इसे बंद करने की अनुमित नहीं देने जा रहे हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि यदि उन्होंने इन सीमाओं को पार किया तो हमारे सारे विकल्प खुले हुए हैं।

हालांकि साथ ही उन्होंने इस्राइल के प्रधानमंत्री के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि यह हमारे लिए आखिरी रास्ता होगा न कि पहला। उन्होंने कहा कि अमेरिका नहीं चाहता है कि ईरान आतंकवाद का समर्थन कर दुनिया भर में हिंसा फैलाए। उन्होंने कहा कि उसकी योजना अमेरिका में अन्य देशों के राजदूतों के खिलाफ हमला करने की योजना है।

ईरान पर सैन्य हमला ही एकमात्र विकल्प
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा प्रशासन के कुछ अधिकारियों का मानना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंध काफी नहीं होंगे। इन अधिकारियों का मानना है कि ऐसे में वाशिंगटन के सामने ईरान पर हमला करने या फिर इस्राइल को ऐसा करते देखने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता है।

गार्जियन समाचार पत्र के मुताबिक, विदेश विभाग और रक्षा मंत्रालय पेंटागन समेत ओबामा प्रशासन में यह एक राय है कि आर्थिक नाकेबंदी और यूरोपीय देशों का तेल नहीं खरीदने के फैसले विफल हो जाएंगे। समाचार पत्र ने मध्य पूर्व नीति के जानकार एक अधिकारी के हवाले से कहा कि व्हाइट हाउस प्रतिबंधों को कारगर होता देखना चाहजा है। यह बुश के समय वाला व्हाइट हाउस नहीं है। एक दूसरे संघर्ष की जरूरत नहीं है।

अधिकारी ने कहा कि समस्या यह है कि तेहरान में मौजूद लोगों का व्यवहार यह प्रदर्शित कर रहा है कि प्रतिबंध कोई मायने नहीं रखते हैं और उनकी अर्थव्यवस्था ढहेगी नहीं। इसके साथ ही तेहरान का यह भी सोचना है कि इस्राइल कुछ भी नहीं कर सकता है। अधिकारी ने कहा कि यदि प्रतिबंध कारगर नहीं होते हैं तो यह देखना मुश्किल होगा कि हम कौन सा विकल्प की ओर कदम बढ़ाते हैं।

व्हाइट हाउस बार बार कहता रहा है कि ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को रोकने के लिए सेना के इस्तेमाल समेत सभी विकल्प खुले हुए हैं लेकिन अभी वह कूटनीति और प्रतिबंधों के सहारे ऐसा करना के लिए प्रतिबद्ध है। ओबामा के मध्य पूर्व और ईरान के लिए पूर्व दूत डेनिस रोस ने हाल में ही कहा था कि प्रतिबंध ईरान को वार्ता के आगे आने को मजबूर करेंगे। हालांकि समाचार पत्र ने खुलासा किया कि प्रशासन के एक तबके का अनुमान है कि प्रतिबंध विफल रहेंगे।


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