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‘भारत का ईरान से तेल लेना यूएस पर तमाचा’

वाशिंगटन।
Story Update : Monday, February 20, 2012    1:56 PM
India decision to import Iran oil slap on US face Burns diplomat

अमेरिका परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान को अलग-थलग करने के लिए दूसरे देशों पर दबाव डाल रहा है। वाशिंगटन ने भारत पर भी इसके लिए दबाव बनाया है। अमेरिका के एक पूर्व राजनयिक के भारत संबंधी बयान से इस बात का पता चलता है। पूर्व राजनयिक का कहना है कि ईरान से तेल खरीदना जारी रखने का भारत का फैसला उनके देश पर तमाचे जैसा है। अमेरिका के पूर्व राजनयिक निकोलस बर्न्स ने कहा है कि भारत के इस फैसले से उन लोगों को करारा झटका लगा है जो नई दिल्ली-वाशिंगटन के संबंधों को मजबूत स्थिति में देखना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि निकोलस बर्न्स ने भारत के साथ परमाणु करार के दौरान ओबामा प्रशासन की ओर से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

ईरान से तेल आयात कम करने से मना कर दिया
बर्न्स ने कहा कि भारत का यह कदम हम लोगों को काफी दुखी करने वाला है। ऐसे समय में जब ईरान को परमाणु कार्यक्रम को लेकर अलग-थलग करने की कोशिश की जा रही है, भारत का यह फैसला तेहरान के हौसले बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह पिछले तीन अमेरिकी राष्ट्रपतियों के प्रयासों को भी झटका है, जिन्होंने भारत के साथ करीबी और रणनीतिक संबंध स्थापित करने की कोशिश की। बर्न्स ने द बोस्टन ग्लोब में हाल ही में अपने लेख में यह दलील दी थी कि अमेरिका को भारत के साथ महत्वाकांक्षी, दीर्घकालीन रणनीतिक संबंधों को लेकर प्रतिबद्धता दिखानी चाहिए। उन्होंने लिखा था कि मैं दोनों देशों के लिए इसके महत्व को समझता हूं। गौरतलब है कि भारत ने ईरान से तेल आयात कम करने से मना कर दिया है। भारत अपने कुल तेल आयात का 12 प्रतिशत ईरान से खरीदता है।


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आप की राय -
deepak giri, noida
अमेरिका हमेशा अपनी मतलब की बात करता है जो सही नहीं है हमें अपने हिसाब से चलना चाही
tanveer choudhry, noida
अमेरिका को चाहिए की अपने भी परमाणु हथियार और परमाणु उर्जा समाप्त करे तब दूसरो को उपदेश दे, उसके बाद ही किसी के साथ शांति का समझोता करे
smer saxena, lucknow
ये अमेरिका के दादागिरी है अमेरिका इंडिया का बाप नहीं है
arun, lucknow
ये तेल की खरीदारी भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल है . निकोलस बर्न्स , जो सत्रा से बिकुल बहर है , उन्हे इस प्रकार की बात कर ने का कोई हक नहीं है.
shameem Khan, Gorakhpur
इरान से तेल लेने में अमेरिका को क्या दिक्कत है यह सबको पता है की भारत एक उभरती हुई अर्थ्बय्वास्था है और तेल बहुत ज़रूरी है भारत केलिए भारत के लोग भूखे रह कर अमेरिका को सपोर्ट करें इरान के रेट पर अमेरिका तेल दे भारत को फिर इरान से तेल न लेने पर भारत विचार करेगा कोई विकल्प भी तो होना चाहिए
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