भारत के परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर न करने के बावजूद उसे यूरेनियम निर्यात करने के लेबर पार्टी के फैसले का दृढ़ता से समर्थन करते हुए आस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री स्टीफन स्मिथ ने कहा है कि वह यही व्यवहार पाकिस्तान के साथ किए जाने का समर्थन नहीं करते हैं। स्मिथ ने भारत दौरे पर रवाना होने से पहले यह बातें कहीं। भारत को यूरेनियम निर्यात किए जाने का समर्थन करते हुए स्मिथ ने इसे एक अपवाद मामला बताया।
सहयोग के मामले में सैन्य संबंध प्रभावित नहीं
उन्होंने कहा, ‘भारत खुद को अंतरराष्ट्रीय परमाणु नियामकों, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह के प्रशासन के दायरे में लाया है। पाकिस्तान के मामले में ऐसा नहीं है। भारत से कभी भी परमाणु प्रसार के बारे में नहीं कहा गया। अफसोस की बात है कि पिछले वर्षों में पाकिस्तान से प्रसार होने के बारे में गंभीर चिंताएं हैं।’ स्मिथ ने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान इस निर्णय को समझेगा और इससे दोनों देशों के बीच खासकर अफगानिस्तान के युद्ध में उनके बीच सहयोग के मामले में सैन्य संबंध प्रभावित नहीं होंगे।
निर्णय सबके लिए समान लेने की बात कही
गौरतलब है कि आस्ट्रेलिया में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल मलिक अब्दुल्ला एबीसी रेडियो से बात करते हुए सोमवार को कहा था कि यदि आस्ट्रेलिया, भारत को यूरेनियम बेचता है तो उसे पाकिस्तान को भी यूरेनियम बेचना चाहिए। अब्दुल्ला ने कहा था, ‘आस्ट्रेलिया को चाहिए कि वह पाकिस्तान को भी यूरेनियम बेचे, क्योंकि भारत ने भी परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। अब यदि आस्ट्रेलियन लेबर पार्टी के निर्णय के बाद आस्ट्रेलिया सरकार नीति में बदलाव करती है, तो हम सभी चाहेंगे कि यह निर्णय सबके लिए समान और भेदभाव रहित हो।’ उन्होंने कहा था, ‘यदि आस्ट्रेलिया एक ऐसे देश से प्रतिबंध हटाता है, जिसने एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं किया है, तो पाकिस्तान के साथ भी यही नियम लागू होने की उम्मीद की जाती है।’
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