एक वैश्विक शोध समूह की मानें तो 2015 तक चीन का कुल रक्षा बजट भारत, जापान और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के अन्य 10 देशों के समुचित रक्षा बजट से ज्यादा हो जाएगा। चीन 2015 तक अपनी सुरक्षा योजनाओं पर 238.2 बिलियन डॉलर खर्च करने लगेगा, यानी उसका रक्षा बजट 11,687 अरब 92 करोड़ 90 लाख रूपए का होगा।
रक्षा विशेषज्ञों में मतभेद
आईएचएस जेन्स डिफेंस एंड सिक्युरिटी इंटीलिजेंस एंड एनालिसिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चीन का 2011 में रक्षा बजट 119.8 बिलियन डॉलर यानी 5878 अरब 31 करोड़ 20 लाख रूपए है, जो 2015 तक लगभग दोगुना हो जाएगा। हालांकि रक्षा विशेषज्ञों में चीन के अनुमानित रक्षा बजट रिपोर्ट को लेकर मतभेद है। उनका कहना है कि चीन के बढ़ते सैन्य ताकत के खिलाफ यह एक षडयंत्र है। पीएलए नेशनल डिफेंस यूनीवर्सिटी के प्रोफेसर मा गांग ने कहा कि इस रिपोर्ट में तथ्यों की कमी है और यह असंगत है।
कुछ देशों के रक्षा बजटः--
1. 2011-12 में भारत का रक्षा बजट 38 बिलियन डॉलर यानी 1.64 लाख करोड. रूपए है।
2. 2010 में जापान का रक्षा बजट 54.6 बिलियन डॉलर यानी 2679 अरब नौ करोड़ 70 लाख रूपए रहा।
3. 2010 में रूस का रक्षा बजट 41.86 बिलियन डॉलर यानी 2,051 अरब तीन करोड़ रूपए रहा।
4. 2010 में पाकिस्तान का रक्षा बजट 5.2 बिलियन डॉलर यानी 255 अरब 15 करोड़ 20 लाख रूपए रहा।
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