ईरान में इंटरनेट का प्रयोग करने वालों के लिए बुरी खबर है। आगामी संसदीय चुनावों को देखते हुए वहां इंटरनेट सेवाओं पर पहरा (सेंसरशिप) लगा दिया गया है। सरकार ने यह निर्णय एहतियातन लिया है। ईरान के टेक्नालॉजी एक्सपर्ट की मानें तो देश में विदेशी वेबसाइटें खुलनी बंद हो गई हैं। यह सेवाएं 10 फरवरी को उस दिन बंद की गईं, जब देश के लोग इस्लामिक क्रांति की 33वीं बरसी मनाने की तैयारियों में जुटे थे।
विशेष प्रकार के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल
जानकारी के मुताबिक जी मेल, गूगल और याहू जैसी ग्लोबल सर्फिंग साइटों पर पाबंदी लगा दी गई है। यही नहीं उपभोक्ता ऑन लाइन बैंकिंग जैसी जनोपयोगी सेवा का भी लाभ नहीं ले पा रहे हैं। अमेरिकी अखबार लॉस एंजिलिस टाइम्स के मुताबिक, ईरान के लोग इस समय विशेष प्रकार के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे हैं और इसी की सहायता ने इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। बडे़ पैमाने पर लोगों को एक साथ इंटरनेट से जोड़ने में मदद करने वाले ‘टोर’ नेटवर्क ने बताया कि उसके ईरानी ट्रैफिक में पिछले दो हफ्तों से दिक्कत आ रही थी।
ऑनलाइन न होने के लिए जबर्दस्त दबाव
जबकि नेट सर्फिंग सेवाओं ने हाल ही में वहां इंटरनेट सेवाओं के बाधित होने की शिकायत दर्ज कराई है। लॉस एंजिलिस टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार ईरानी सरकार ने इस साल वहां के इंटरनेट उपभोक्ताओं पर ऑनलाइन न होने के लिए जबर्दस्त दबाव बनाया है। सरकार ने वहां साइबर कैफे जाने वालों को अपनी फोटो आईडी दिखाना अनिवार्य कर दिया है।
0
खबर पर अपनी राय दें