अल कायदा सरगना अयमान अल जवाहिरी ने सोमाली आतंकवादी समूह अल शबाब से अपने संगठन के रिश्तों की पुष्टि करते हुए कहा है कि ये दोनों मिलकर पश्चिमी देशों के खिलाफ अपनी लड़ाई तेज करेंगे। अल शबाब के अल कायदा से संबंध होने की अटकलें काफी समय से लगायी जा रही थीं, लेकिन पहली बार अल कायदा की ओर से इसकी पुष्टि हुई है। हालांकि सोमाली गुट अल कायदा का समर्थन करने की बात पहले कई बार कर चुका है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अल शबाब अल कायदा की ही मदद से वारदातों को अंजाम देता रहा है।
भरोसेमंद शासकों के खिलाफ जिहादी एकता
जवाहिरी ने इसलामी इंटरनेट समूहों द्वारा जारी वीडियो में सोमाली लोगों को अन्य धर्मावलंबियों का अनुसरण नहीं करने की सलाह देते हुए कहा, मेरे पास आज मुसलिम देशों के लिए एक खुशखबरी है जो काफिरों के लिए मुअमिन लोगों को खुशी देगी और काफिरों को परेशान कर देगा। यह है सोमालिया के शबाब अल मुजाहिदीन का कायदत अल जिहाद से जुड़ना, जो कि यहूदी धर्मयुद्ध और इसे मदद पहुंचाने वाले गैर भरोसेमंद शासकों के खिलाफ जिहादी एकता को मजबूत करेगा।
जवाहिरी को पूरा समर्थन देने की घोषणा
इस वीडियो में अल शहाब के सरगना शेख अबु जुबैर को जवाहिरी के सामने शपथ लेते हुए दिखाया गया है। गत वर्ष अल कायदा सुप्रीमो ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद जवाहिरी ने संगठन की कमान संभाली थी। तब भी अल शहाब ने जवाहिरी को पूरा समर्थन देने की घोषणा की थी। हालांकि इस घटनाक्रम से अमेरिका बहुत चिंतित नहीं दिख रहा है। जवाहिरी के इस बयान के बाद एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, जवाहिरी ने उसी बात की पुष्टि की है जो पूरी दुनिया को मालूम है।
घटनाक्रम को लेकर एक राय नहीं
अल शबाब अल कायदा से ही संबद्ध है। इससे यह सत्य नहीं बदलने वाला है कि आज अल कायदा का ही अस्तित्व संकट में है। दूसरी तरफ विश्लेषकों में इस घटनाक्रम को लेकर एक राय नहीं है। कुछ इसे अल कायदा में जवाहिरी के खुद का प्रभुत्व साबित करने की कोशिश बता रहे हैं तो वहीं कुछ का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में पश्चिमी देशों की सामने अपनी नाकामी को ढंकने के लिए अल कायदा यह हथकंडा अपनाकर दुनिया का ध्यान बंटाना चाहता है।
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