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राष्ट्रपति वाहिद के भाई ने विरोध में पद छोड़ा

माले।
Story Update : Friday, February 17, 2012    11:19 PM
President Wahids brother stepped down in protest

मालदीव के नवनियुक्त राष्ट्रपति मोहम्मद वाहिद हसन के भाई एवं ब्रिटेन में मालदीव के उप उच्चायुक्त नौशाद वाहिद हसन ने देश की नई सरकार को गैरकानूनी बताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और राष्ट्रपति से भी इस्तीफा देने को कहा है। हसन ने लंदन में संवाददाताओं से कहा, ‘मैं अपने पद से इस्तीफा देता हूं। मैंने इस्तीफा दिया है क्योंकि मैं एक ऐसी सरकार के साथ काम नहीं कर सकता जो तख्तापलट की साजिश रचकर लोकतांत्रिक रूप से चुनी गयी सरकार को गिराने के बाद बनी हो।’

नवगठित सरकार के प्रमुख मेरे सगे भाई
उन्होंने कहा, ‘आप में से कुछ लोग मुझसे यह सवाल पूछ सकते हैं कि मैंने इस्तीफा देने में इतनी देर क्यों लगा दी। दरअसल सात फरवरी को तख्तापलट की साजिश सामने आने के तुरंत बाद मैंने अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय ले लिया था। लेकिन आप लोग जानते हैं कि नवगठित सरकार के प्रमुख मेरे सगे भाई हैं। लिहाजा मैंने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी तरह जांच पड़ताल कर लेना जरूरी समझा। नौशाद ने कहा, ‘मैंने निर्दोष लोगों के उत्पीड़न और पुलिस कार्रवाई का वीडियो देखा। इसके अलावा भी कई जानकारियां इकट्ठी की। आखिरकार मुझे बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि यह गैरकानूनी तरीके से गठित सरकार है और मैं इसका हिस्सा नहीं बन सकता।

कोई भी टिप्पणी करने से इनकार
नौशाद ने अपने भाई वाहिद को संबोधित करते हुये कहा, ‘आप मेरे भाई हैं और मैं आपको हमेशा प्यार करता रहूंगा। अपनी सरकार चुनने के हमारे अधिकार को हमसे मत छीनिए। पुलिस की निर्मम कार्रवाई का हिस्सा मत बनिए और लोगों को अपना प्रतिनिधि चुनने का मौका दीजिए। अपने पद से इस्तीफा देकर देश में फिर से चुनाव आयोजित कराइए। इस बीच राष्ट्रपति वाहिद ने कहा, ‘मैंने अपने भाई को उच्चायोग में नियुक्त नहीं किया था। उन्हें पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नाशीद ने नियुक्त किया था। ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वह किसके प्रति वफादारी निभाएंगे। अगर उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया है तो मैं उनके फैसले का सम्मान करता हूं।’ वाहिद ने कहा कि मालदीव काफी छोटा देश है और यहां एक ही घर में अलग-अलग विचारधारा वाले लोग रहते हैं। वे विभिन्न राजनीतिक दलों से भी जुडे़ रह सकते हैं। लिहाजा वह अपने भाई के फैसले से आश्चर्यचकित नहीं हैं। हालांकि वाहिद ने नौशाद द्वारा लगाए गए निजी आरोपों के बारे में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।


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