मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नाशीद की मालदीवियन डेमाक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) ने नई एकता सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया है। हालांकि पार्टी ने कहा है कि देश के मौजूदा राजनीतिक संकट को समाप्त करने के लिए वह नए राष्ट्रपति के साथ सशर्त वार्ता को तैयार है। एक बयान में एमडीपी ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति मोहम्मद वाहिद हसन के नेतृत्व में बनी राष्ट्रीय एकीकरण सरकार में पार्टी शामिल नहीं होगी।
संकट को समाप्त करने के लिए सुलह वार्ता
हालांकि पार्टी की ओर से यह भी कहा गया है कि अगर नई सरकार के छह उन सदस्यों को हटा दिया जाय, जो सात फरवरी को कथित तौर पर नाशीद को सत्ता से बेदखल करने में शामिल थे तो पार्टी देश के मौजूदा संकट को समाप्त करने के लिए सुलह वार्ता को तैयार है। पार्टी ने इनकी पहचान रक्षा व राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री मोहम्मद नाजिम, गृह मंत्री मोहम्मद जमील अहमद, गृह राज्य मंत्री मोहम्मद फयाज, एमएनडीएफ स्टाफ के प्रमुख मेजर जनरल अहमद शियाम और पुलिस कमिश्नर अब्दुल्ला रियाज के रूप में की है।
राष्ट्रपति के रूप में मान्यता पूर्ण रूप से वैध
बयान के अनुसार इकलौती सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते एमडीपी ने बातचीत के जरिए देश के मौजूदा राजनीतिक संकट का समाधान करने का निर्णय लिया है। इस बीच मालदीव के अभियोजक जनरल अहमद मुईजू ने कहा है कि कानूनन एक संस्था नाशीद के इस्तीफे के मामले की जांच कर सकती है क्योंकि पूर्व राष्ट्रपति ने यह दावा किया है कि ऐसा करने के लिए अनुचित रूप से उन पर दबाव डाला गया। मुईजू ने कहा कि नाशीद के सहायक मोहम्मद वाहिद हसन मानिक की राष्ट्रपति के रूप में मान्यता पूर्ण रूप से वैध है। संविधान के अनुसार, यदि किसी भी कारण से राष्ट्रपति का पद रिक्त हो जाता है तो उनके सहायक को यह पद ग्रहण करना होता है। इस प्रकार उप राष्ट्रपति ही देश का नया राष्ट्रपति बनता है।
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